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mahabharat 4.19.6: जब रानी सुदेष्णा दर्शक बनकर बैठी रहती हैं और आप महल के आँगन में बाघ, सिंह और भैंसों से युद्ध करते हैं, तब मुझे बड़ा दुःख होता है ॥6॥   |   mahabharat अध्याय 4.19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.19.6 
शार्दूलैर्महिषै: सिंहैरागारे योध्यसे यदा।
कैकेय्या: प्रेक्षमाणायास्तदा मे कश्मलं भवेत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जब रानी सुदेष्णा दर्शक बनकर बैठी रहती हैं और आप महल के आँगन में बाघ, सिंह और भैंसों से युद्ध करते हैं, तब मुझे बड़ा दुःख होता है ॥6॥
 
When Queen Sudeshna sits as a spectator and you fight with tigers, lions and buffaloes in the courtyard of the palace, I feel very sad. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)