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mahabharat 4.18.27: इस पृथ्वी पर राज्य करनेवाले बहुत से राजा दूसरों के अधीन थे, किन्तु आज वे असहाय होकर दूसरों के अधीन रहते हैं ॥27॥   |   mahabharat अध्याय 4.18: द्रौपदीका भीमसेनके प्रति अपने दु:खके उद्‍गार प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 18: द्रौपदीका भीमसेनके प्रति अपने दु:खके उद्‍गार प्रकट करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  4.18.27 
पार्थिवा: पृथिवीपाला यस्यासन् वशवर्तिन:।
स वशे विवशो राजा परेषामद्य वर्तते॥ २७॥
 
 
अनुवाद
इस पृथ्वी पर राज्य करनेवाले बहुत से राजा दूसरों के अधीन थे, किन्तु आज वे असहाय होकर दूसरों के अधीन रहते हैं ॥27॥
 
Many kings who ruled over this earth were under the command of others, but today they are helpless and live under the control of others. ॥27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)