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बिम्बोष्ठं कृष्णताराभ्यामत्यन्तरुचिरप्रभम्।
नयनाभ्यामजिह्माभ्यां मुखं ते मुञ्चते जलम्॥
अनुवाद
काली पुतलियों वाली सरल आँखों से सुशोभित, फलों के समान लाल ओठों से सुशोभित तथा अत्यंत सुंदर कांति से प्रकाशित आपका मुख इस समय क्यों आँसू बहा रहा है?
Why is your face, adorned with simple eyes having black pupils, adorned with red lips like a fruit and illuminated by a very beautiful radiance, shedding tears at this time?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥