Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.16.d20: जो भूमिपति ऐसे कार्य प्रारम्भ नहीं करते जो नहीं करने चाहिए, जो कर्तव्य करने चाहिए उन्हें निरन्तर करते रहते हैं तथा प्रजा के साथ सदैव अच्छा व्यवहार करते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं। | mahabharat अध्याय 4.16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अकार्याणामनारम्भात् कार्याणामनुपालनात्।
प्रजासु ये सुवृत्तास्ते स्वर्गमायान्ति भूमिपा:॥
अनुवाद
जो भूमिपति ऐसे कार्य प्रारम्भ नहीं करते जो नहीं करने चाहिए, जो कर्तव्य करने चाहिए उन्हें निरन्तर करते रहते हैं तथा प्रजा के साथ सदैव अच्छा व्यवहार करते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।
Those landowners who do not start tasks that should not be done, continuously perform the duties that should be done and always behave well with the people, they go to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥