Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.16.35: तब विराट ने कहा - सैरन्ध्री! मैं नहीं जानता कि तुम दोनों में बिना हमारी जानकारी के किस प्रकार झगड़ा हुआ है। और वास्तविक बात को जाने बिना मैं न्याय करने में क्या कुशलता दिखाऊँगा?॥ 35॥ | mahabharat अध्याय 4.16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब विराट ने कहा - सैरन्ध्री! मैं नहीं जानता कि तुम दोनों में बिना हमारी जानकारी के किस प्रकार झगड़ा हुआ है। और वास्तविक बात को जाने बिना मैं न्याय करने में क्या कुशलता दिखाऊँगा?॥ 35॥
Then Virat said - Sairandhri! I do not know how the quarrel has taken place between you two without our knowledge. And without knowing the real matter, what skill will I display in doing justice?॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥