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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 15: रानी सुदेष्णाका द्रौपदीको कीचकके घर भेजना
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श्लोक d19
श्लोक
4.15.d19
गतस्त्वं धर्मराजस्य विषयं नात्र संशय:।
अदूषकमिमं सर्वं स्वजनं घातयिष्यसि॥
अनुवाद
'तुम तो यमराज के लोक जा चुके हो, इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। तुम अपने साथ इन सभी निर्दोष रिश्तेदारों को भी मरवा दोगे।'
‘You have already gone to Yamraj's world, there is not even an iota of doubt in this. You will get all these innocent relatives killed along with you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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