श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 15: रानी सुदेष्णाका द्रौपदीको कीचकके घर भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.15.13 
त्वं चैव देवि जानासि यथा स समय: कृत:।
प्रविशन्त्या मया पूर्वं तव वेश्मनि भामिनि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे भामिनी! देवि! आपके इस महल में प्रवेश करते समय मैंने जो प्रतिज्ञा की थी, वह आप जानती ही हैं॥13॥
 
O Bhamini! Devi! You already know the vow that I had made when I entered this palace of yours.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)