(मां हि त्वमवमन्वान: सूतपुत्र विनङ्क्ष्यसि।
आशु चाद्यैव नचिरात् सपुत्र: सहबान्धव:॥
अनुवाद
हे सारथिपुत्र! तू मेरा अपमान कर रहा है, इसलिए आज ही अपने पुत्रों और बन्धु-बान्धवों सहित तेरा विनाश हो जाएगा। अब तेरे विनाश में कोई विलम्ब नहीं है।
O son of a charioteer! You are insulting me; therefore, you will be destroyed along with your sons and relatives today itself. There is no delay in your destruction now.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥