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mahabharat 4.14.28: विलासिनी! विचित्र माला और सुन्दर वस्त्र धारण करो, समस्त आभूषणों से विभूषित हो जाओ और मेरे साथ परम भोग का भोग करो॥28॥   |   mahabharat अध्याय 4.14: कीचकका द्रौपदीपर आसक्त हो उससे प्रणययाचना करना और द्रौपदीका उसे फटकारना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 14: कीचकका द्रौपदीपर आसक्त हो उससे प्रणययाचना करना और द्रौपदीका उसे फटकारना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  4.14.28 
चित्रमाल्याम्बरधरा सर्वाभरणभूषिता।
कामं प्रकामं सेव त्वं मया सह विलासिनि॥ २८॥
 
 
अनुवाद
विलासिनी! विचित्र माला और सुन्दर वस्त्र धारण करो, समस्त आभूषणों से विभूषित हो जाओ और मेरे साथ परम भोग का भोग करो॥28॥
 
Vilasini! Wear a strange garland and beautiful clothes, be adorned with all the jewelery and enjoy extreme sexual pleasures with me. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)