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mahabharat 3.98.2: जब राजा को पता चला कि ऋषि अगस्त्य उसके यहां आ रहे हैं, तो वह अपने मंत्रियों के साथ अपने राज्य की सीमा पर आया और उन्हें बड़े आदर और सम्मान के साथ अपने साथ ले गया।   |   mahabharat अध्याय 3.98: धन प्राप्त करनेके लिये अगस्त्यका श्रुतर्वा, ब्रध्नश्व और त्रसदस्यु आदिके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 98: धन प्राप्त करनेके लिये अगस्त्यका श्रुतर्वा, ब्रध्नश्व और त्रसदस्यु आदिके पास जाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.98.2 
स विदित्वा तु नृपति: कुम्भयोनिमुपागतम्।
विषयान्ते सहामात्य: प्रत्यगृह्णात् सुसत्कृतम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब राजा को पता चला कि ऋषि अगस्त्य उसके यहां आ रहे हैं, तो वह अपने मंत्रियों के साथ अपने राज्य की सीमा पर आया और उन्हें बड़े आदर और सम्मान के साथ अपने साथ ले गया।
 
When the king came to know that the sage Agastya was coming to his place, he came to the border of his kingdom along with his ministers and took him along with him with great respect and honour.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)