Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.95.9-10h: जहाँ गयाशिर नामक पर्वत और बाँस के वृक्षों की पंक्तियों से घिरी हुई सुन्दर महानदी है, जो अपने दोनों तटों से विशेष रूप से सुन्दर दिखाई देती है। ॥9 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.95: पाण्डवोंका नैमिषारण्य आदि तीर्थोंमें जाकर प्रयाग तथा गयातीर्थमें जाना और गय राजाके महान् यज्ञोंकी महिमा सुनना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जहाँ गयाशिर नामक पर्वत और बाँस के वृक्षों की पंक्तियों से घिरी हुई सुन्दर महानदी है, जो अपने दोनों तटों से विशेष रूप से सुन्दर दिखाई देती है। ॥9 1/2॥
Where there is the beautiful Mahanadi (river river) surrounded by the mountain called Gayashir and rows of bamboo trees, which looks especially beautiful from both its banks. ॥9 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥