Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.91.11: 'अमृत से प्रकट होने पर तपस्या के प्रभाव से भगवान शंकर ने जो ब्रह्मशिर नामक अस्त्र दिया था, वही पाशुपतास्त्र सव्यसाची अर्जुन ने प्राप्त किया है ॥11॥ | mahabharat अध्याय 3.91: महर्षि लोमशका आगमन और युधिष्ठिरसे अर्जुनके पाशुपत आदि दिव्यास्त्रोंकी प्राप्तिका वर्णन तथा इन्द्रका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'अमृत से प्रकट होने पर तपस्या के प्रभाव से भगवान शंकर ने जो ब्रह्मशिर नामक अस्त्र दिया था, वही पाशुपतास्त्र सव्यसाची अर्जुन ने प्राप्त किया है ॥11॥
'The weapon named Brahmashir which was given to Lord Shankar by the effect of penance after appearing from nectar, the same Pashupatastra has been obtained by Savyasachi Arjun. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥