Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.83.159-160: राजेन्द्र! वहाँ से उत्तम रेणुकातीर्थ की यात्रा करो। पहले उस तीर्थ में स्नान करो; फिर देवताओं और पितरों का पूजन करने के लिए तत्पर हो जाओ। इससे तीर्थयात्री सभी पापों से शुद्ध हो जाता है और अग्निष्टोमयाग का फल प्राप्त करता है। 159-160॥ | mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेन्द्र! वहाँ से उत्तम रेणुकातीर्थ की यात्रा करो। पहले उस तीर्थ में स्नान करो; फिर देवताओं और पितरों का पूजन करने के लिए तत्पर हो जाओ। इससे तीर्थयात्री सभी पापों से शुद्ध हो जाता है और अग्निष्टोमयाग का फल प्राप्त करता है। 159-160॥
Rajendra! From there visit Uttam Renukatirtha. First take bath in that pilgrimage; Then get ready to worship the gods and ancestors. By this, the pilgrim gets purified from all sins and gets the results of Agnistomayagya. 159-160॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥