श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  3.83.106 
अमराणां ह्रदे स्नात्वा समभ्यर्च्यामराधिपम्।
अमराणां प्रभावेण स्वर्गलोके महीयते॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
अमरहृदय में स्नान करके इन्द्रदेव का पूजन करो। ऐसा करने से मनुष्य अमर देवताओं के प्रभाव से स्वर्ग में प्रतिष्ठित हो जाता है ॥106॥
 
After taking bath in Amarheart, worship Lord Indra. By doing this, man gets established in heaven due to the influence of immortals. 106॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)