vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन
»
श्लोक 10
श्लोक
3.83.10
ततो गच्छेत धर्मज्ञ विष्णो: स्थानमनुत्तमम्।
सततं नाम राजेन्द्र यत्र संनिहितो हरि:॥ १०॥
अनुवाद
हे धर्मात्मा राजेन्द्र! उसके बाद भगवान विष्णु के सातारा नामक परम उत्तम तीर्थस्थान पर जाओ, जहाँ श्री हरि सदैव निवास करते हैं॥10॥
Religious Rajendra! After that, go to the most excellent pilgrimage place of Lord Vishnu called Satara, where Shri Hari always resides. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×