वहाँ से त्रिभुवन नाम से प्रसिद्ध नर्मदा नदी के तट पर जाकर देवताओं और पितरों का तर्पण करने से अग्निष्टोम यज्ञ का फल प्राप्त होता है । 52 1/2॥
From there, going to the banks of river Narmada, famous as Tribhuvan, and offering offerings to the gods and ancestors, one gets the results of Agnishtom Yagya. 52 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥