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mahabharat 3.76.21: हे सुन्दरी! पापी कलियुग मुझे छोड़कर चला गया है, इसलिए मैं तुम्हें प्राप्त करने के उद्देश्य से यहाँ आया हूँ। इसके अतिरिक्त मेरे यहाँ आने का और कोई उद्देश्य नहीं है॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 3.76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 76: दमयन्ती और बाहुककी बातचीत, नलका प्राकटॺ और नल-दमयन्ती-मिलन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.76.21 
विमुच्य मां गत: पापस्ततोऽहमिह चागत:।
त्वदर्थं विपुलश्रोणि न हि मेऽन्यत् प्रयोजनम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे सुन्दरी! पापी कलियुग मुझे छोड़कर चला गया है, इसलिए मैं तुम्हें प्राप्त करने के उद्देश्य से यहाँ आया हूँ। इसके अतिरिक्त मेरे यहाँ आने का और कोई उद्देश्य नहीं है॥ 21॥
 
‘Beautiful girl! The sinful Kaliyug has left me and gone away, that is why I have come here with the objective of attaining you. Apart from this, there is no other purpose of my coming here.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)