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श्लोक 3.72.24  |
तत: स विस्मयाविष्टो राजानमिदमब्रवीत्।
गणयित्वा यथोक्तानि तावन्त्येव फलानि तु॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| गिनने पर उसे उतने ही फल मिले, तब उसने आश्चर्यचकित होकर राजा ऋतुपर्ण से कहा -॥24॥ |
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| After counting he got the same number of fruits. Then he was astonished and said to King Rituparna -॥ 24॥ |
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