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mahabharat 3.69.39: हे वीर भूमिपाल! अपनी प्रिय पत्नी पर, जो सदैव तुम्हारे लिए विलाप करती रहती है, दया करो और मेरे प्रश्न का उत्तर दो॥ 39॥   |   mahabharat अध्याय 3.69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.69.39 
तस्या रुदत्या: सततं तेन शोकेन पार्थिव।
प्रसादं कुरु वै वीर प्रतिवाक्यं ददस्व च॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे वीर भूमिपाल! अपनी प्रिय पत्नी पर, जो सदैव तुम्हारे लिए विलाप करती रहती है, दया करो और मेरे प्रश्न का उत्तर दो॥ 39॥
 
'O brave Bhumipal! Please show mercy on your lovely wife who is always weeping in grief for you and give me an answer to my question.'॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)