vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 66: राजा नलके द्वारा दावानलसे कर्कोटक नागकी रक्षा तथा नागद्वारा नलको आश्वासन
»
श्लोक 20
श्लोक
3.66.20
गच्छ राजन्नित: सूतो बाहुकोऽहमिति ब्रुवन्।
समीपमृतुपर्णस्य स हि चैवाक्षनैपुण:॥ २०॥
अनुवाद
'राजन्! अब यहाँ से राजा ऋतुपर्ण के पास जाओ और अपना नाम बाहुक बताकर बताओ कि वह जुआ खेलने में बहुत कुशल है।
‘King! Now go from here to King Rituparna, introducing yourself as a charioteer named Bahuk. He is very skilled in gambling.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×