Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.92: 'कल्याणि! शुभ हो! हम अपनी तपस्या के बल से देख रहे हैं कि तुम्हारा भविष्य अत्यंत मंगलमय होगा। तुम्हें शीघ्र ही निषादनरेश नलक का दर्शन प्राप्त होगा। 92॥ | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'कल्याणि! शुभ हो! हम अपनी तपस्या के बल से देख रहे हैं कि तुम्हारा भविष्य अत्यंत मंगलमय होगा। तुम्हें शीघ्र ही निषादनरेश नलक का दर्शन प्राप्त होगा। 92॥
'Kalyani! Good luck! We are seeing with the power of our penance that your future will be extremely prosperous. You will soon get the darshan of Nishadhanresh Nalaka. 92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥