Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.50: 'उसका नाम नल है। शत्रुदमन, श्यामसुन्दर राजा नल पुण्यात्मा कहलाते हैं। वह ब्राह्मणों का महान भक्त, वेदों का विद्वान, वक्ता, पुण्यात्मा, सोमपान करने वाला और अग्निहोत्री है। 50॥ | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उसका नाम नल है। शत्रुदमन, श्यामसुन्दर राजा नल पुण्यात्मा कहलाते हैं। वह ब्राह्मणों का महान भक्त, वेदों का विद्वान, वक्ता, पुण्यात्मा, सोमपान करने वाला और अग्निहोत्री है। 50॥
‘His name is Nal. Shatrudaman, Shyamsundar Raja Nal are called virtuous verses. He is a great devotee of Brahmins, a scholar of Vedas, an orator, a virtuous soul, a drinker of soma and an Agnihotri. 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥