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mahabharat 3.64.15: हे राजाओं में श्रेष्ठ, आप अत्यंत यशस्वी और शुभ हैं, यह उचित है कि आप मेरे समक्ष जो कुछ कहा था, उसका स्मरण करें ॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.64.15 
यत् त्वयोक्तं नरश्रेष्ठ तत् समक्षं महाद्युते।
स्मर्तुमर्हसि कल्याण वचनं पार्थिवर्षभ॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे राजाओं में श्रेष्ठ, आप अत्यंत यशस्वी और शुभ हैं, यह उचित है कि आप मेरे समक्ष जो कुछ कहा था, उसका स्मरण करें ॥ 15॥
 
O best of the kings, who are extremely illustrious and auspicious, it is appropriate that you remember what you said in my presence. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)