Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.63.27-29: उस विशाल नेत्रों वाली युवती को अजगर द्वारा निगलते देख शिकारी ने बड़ी तेजी से दौड़कर एक तीक्ष्ण शस्त्र से अजगर का मुँह फाड़ डाला। अजगर तड़प उठा और निश्चल हो गया। मृगों को मारकर जीविका चलाने वाले शिकारी ने सर्प के टुकड़े-टुकड़े करके दमयन्ती को मुक्त कर दिया। फिर उसने उसके सर्प-ग्रस्त शरीर को जल से धोया और उसे आश्वस्त करके उसके भोजन का प्रबंध किया। भरत! जब वह भोजन कर चुकी, तब शिकारी ने उससे पूछा-॥27-29॥ | mahabharat अध्याय 3.63: दमयन्तीका विलाप तथा अजगर एवं व्याधसे उसके प्राण एवं सतीत्वकी रक्षा तथा दमयन्तीके पातिव्रत्यधर्मके प्रभावसे व्याधका विनाश । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस विशाल नेत्रों वाली युवती को अजगर द्वारा निगलते देख शिकारी ने बड़ी तेजी से दौड़कर एक तीक्ष्ण शस्त्र से अजगर का मुँह फाड़ डाला। अजगर तड़प उठा और निश्चल हो गया। मृगों को मारकर जीविका चलाने वाले शिकारी ने सर्प के टुकड़े-टुकड़े करके दमयन्ती को मुक्त कर दिया। फिर उसने उसके सर्प-ग्रस्त शरीर को जल से धोया और उसे आश्वस्त करके उसके भोजन का प्रबंध किया। भरत! जब वह भोजन कर चुकी, तब शिकारी ने उससे पूछा-॥27-29॥
Seeing that young woman with big eyes being swallowed by the python, the hunter ran very fast and with a sharp weapon tore the python's mouth open. The python writhed and became motionless. The hunter, who made his living by killing deer, cut the snake into pieces and freed Damayanti. Then he washed her snake-infested body with water and assured her and arranged for her food. Bhaarat! When she had eaten, the hunter asked her-॥27-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥