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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 60: दु:खित दमयन्तीका वार्ष्णेयके द्वारा कुमार-कुमारीको कुण्डिनपुर भेजना
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श्लोक 21
श्लोक
3.60.21
दमयन्त्यास्तु तद् वाक्यं वार्ष्णेयो नलसारथि:।
न्यवेदयदशेषेण नलामात्येषु मुख्यश:॥ २१॥
अनुवाद
दमयन्ती की यह बात सुनकर नल के सारथि वार्ष्णेय ने नल के मुख्यमंत्रियों से सारा वृत्तान्त पूछा॥21॥
Hearing this from Damayanti, Nala's charioteer Varshneya requested the entire story to the chief ministers of Nala. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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