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mahabharat 3.55.20-22h: 'आप कौन हैं? आपके शरीर के सभी अंग दोषरहित और अत्यंत सुन्दर हैं। आप मेरे हृदय की उत्तेजना को बढ़ा रही हैं। भोले योद्धा! आप देवताओं के समान यहाँ पधारे हैं। मैं आपका परिचय जानना चाहता हूँ। आपका इस महल में आना कैसे संभव हुआ? आपको किसी ने कैसे नहीं देखा? मेरा यह महल अत्यंत सुरक्षित है और यहाँ के राजा का शासन अत्यंत कठोर है - वे अपराधियों को अत्यंत कठोर दंड देते हैं।' विदर्भ की राजकुमारी के पूछने पर नल ने इस प्रकार उत्तर दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 55: नलका दूत बनकर राजमहलमें जाना और दमयन्तीको देवताओंका संदेश सुनाना  »  श्लोक 20-22h
 
 
श्लोक  3.55.20-22h 
कस्त्वं सर्वानवद्याङ्ग मम हृच्छयवर्धन।
प्राप्तोऽस्यमरवद् वीर ज्ञातुमिच्छामि तेऽनघ॥ २०॥
कथमागमनं चेह कथं चासि न लक्षित:।
सुरक्षितं हि मे वेश्म राजा चैवोग्रशासन:॥ २१॥
एवमुक्तस्तु वैदर्भ्या नलस्तां प्रत्युवाच ह।
 
 
अनुवाद
'आप कौन हैं? आपके शरीर के सभी अंग दोषरहित और अत्यंत सुन्दर हैं। आप मेरे हृदय की उत्तेजना को बढ़ा रही हैं। भोले योद्धा! आप देवताओं के समान यहाँ पधारे हैं। मैं आपका परिचय जानना चाहता हूँ। आपका इस महल में आना कैसे संभव हुआ? आपको किसी ने कैसे नहीं देखा? मेरा यह महल अत्यंत सुरक्षित है और यहाँ के राजा का शासन अत्यंत कठोर है - वे अपराधियों को अत्यंत कठोर दंड देते हैं।' विदर्भ की राजकुमारी के पूछने पर नल ने इस प्रकार उत्तर दिया।
 
'Who are you? All your body parts are flawless and extremely beautiful. You are increasing the passion of my heart. Innocent warrior! You have arrived here like the gods. I want to know your introduction. How was it possible for you to come to this palace? How come no one has seen you? This palace of mine is very secure and the king's rule here is very strict - he gives very harsh punishment to the criminals.' When the princess of Vidarbha asked this, Nala replied in this manner. 20-21 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)