Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.52.58: आप अपने वीर भाइयों से घिरे हुए हैं जो देवताओं के समान हैं। ब्रह्माजी के समान तेजस्वी श्रेष्ठ ब्राह्मण आपके चारों ओर बैठे हैं। अतः आपको शोक नहीं करना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 3.52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  3.52.58 
भवान् हि संवृतो वीरैर्भ्रातृभिर्देवसम्मितै:।
ब्रह्मकल्पैर्द्विजाग्रॺैश्च तस्मान्नार्हसि शोचितुम्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
आप अपने वीर भाइयों से घिरे हुए हैं जो देवताओं के समान हैं। ब्रह्माजी के समान तेजस्वी श्रेष्ठ ब्राह्मण आपके चारों ओर बैठे हैं। अतः आपको शोक नहीं करना चाहिए।
 
You are surrounded by your brave brothers who are like gods. The best Brahmins who are as illustrious as Lord Brahma are sitting around you. Therefore, you should not grieve.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)