Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.52.56: हमने सुना है कि राजा नल को उनके भाई पुष्कर ने जुए में छलपूर्वक हरा दिया था और उन्हें अत्यन्त दुःखी होकर अपनी पत्नी सहित वनवास का कष्ट सहना पड़ा था। | mahabharat अध्याय 3.52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स निकृत्या जितो राजा पुष्करेणेति न: श्रुतम्।
वनवासं सुदु:खार्तो भार्यया न्यवसत् सह॥ ५६॥
अनुवाद
हमने सुना है कि राजा नल को उनके भाई पुष्कर ने जुए में छलपूर्वक हरा दिया था और उन्हें अत्यन्त दुःखी होकर अपनी पत्नी सहित वनवास का कष्ट सहना पड़ा था।
We have heard that King Nala was defeated by his brother Pushkara through trickery in gambling and that he, being greatly distressed, had to endure the misery of exile along with his wife.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥