Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.52.38: 'परन्तु हे पराक्रमी एवं वीर कुन्तीपुत्र! तुम्हारा यह कहना कि सुयोधन को मारने का समय आ गया है, गलत है। मैं झूठ नहीं बोल सकता, मेरी ऐसी आदत नहीं है।' | mahabharat अध्याय 3.52: भीमसेन-युधिष्ठिर-संवाद, बृहदश्वका आगमन तथा युधिष्ठिरके पूछनेपर बृहदश्वके द्वारा नलोपाख्यानकी प्रस्तावना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् त्वमाभाषसे पार्थ प्राप्त: काल इति प्रभो।
अनृतं नोत्सहे वक्तुं न ह्येतन्मम विद्यते॥ ३८॥
अनुवाद
'परन्तु हे पराक्रमी एवं वीर कुन्तीपुत्र! तुम्हारा यह कहना कि सुयोधन को मारने का समय आ गया है, गलत है। मैं झूठ नहीं बोल सकता, मेरी ऐसी आदत नहीं है।'
'But, O mighty and brave son of Kunti! What you are saying that the time has come to kill Suyodhana is not correct. I cannot lie, I do not have this habit.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥