Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.51.7-8: ‘जब भीमसेन और अर्जुन आगे की ओर खड़े होंगे, सिंहों के समान पराक्रमी और अश्विनीकुमारों के समान कठोर वे दोनों युद्ध के मुहाने पर खड़े होंगे, उस समय मुझे अपनी सेना में कोई भी शूरवीर शेष नहीं दिखाई देता। संजय! देवर्षि नकुल और सहदेव जैसे महारथी युद्ध में अतुलनीय हैं। कोई भी सारथी उनका सामना नहीं कर सकता।॥ 7-8॥ | mahabharat अध्याय 3.51: संजयका धृतराष्ट्रके प्रति श्रीकृष्णादिके द्वारा की हुई दुर्योधनादिके वधकी प्रतिज्ञाका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘जब भीमसेन और अर्जुन आगे की ओर खड़े होंगे, सिंहों के समान पराक्रमी और अश्विनीकुमारों के समान कठोर वे दोनों युद्ध के मुहाने पर खड़े होंगे, उस समय मुझे अपनी सेना में कोई भी शूरवीर शेष नहीं दिखाई देता। संजय! देवर्षि नकुल और सहदेव जैसे महारथी युद्ध में अतुलनीय हैं। कोई भी सारथी उनका सामना नहीं कर सकता।॥ 7-8॥
‘When Bhimasena and Arjuna are placed in the front, both of them, as valiant as lions and as tough as the Ashwinikumars, will stand at the mouth of the battle, at that time I do not see any brave warrior left in my army. Sanjaya! The great warriors Nakul and Sahadeva, the sons of gods, are incomparable in battle. No charioteer can face them.॥ 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥