Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.51.21: 'इन्द्रप्रस्थ में कुन्तीपुत्रों को जो समृद्धि प्राप्त थी और जिसे मैंने राजसूय यज्ञ के समय अपनी आँखों से देखा था, वह अन्य राजाओं के लिए अत्यंत दुर्लभ थी ॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 3.51: संजयका धृतराष्ट्रके प्रति श्रीकृष्णादिके द्वारा की हुई दुर्योधनादिके वधकी प्रतिज्ञाका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'इन्द्रप्रस्थ में कुन्तीपुत्रों को जो समृद्धि प्राप्त थी और जिसे मैंने राजसूय यज्ञ के समय अपनी आँखों से देखा था, वह अन्य राजाओं के लिए अत्यंत दुर्लभ थी ॥ 21॥
'The prosperity that the sons of Kunti had in Indraprastha and which I saw with my own eyes during the Rajasuya Yagna was extremely rare for other kings. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥