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mahabharat 3.51.19: पाण्डवों ने मिलकर मधुसूदन श्रीकृष्ण को युद्ध में अर्जुन का सारथि चुना और श्रीहरि ने "तथास्तु" कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली॥ 19॥   |   mahabharat अध्याय 3.51: संजयका धृतराष्ट्रके प्रति श्रीकृष्णादिके द्वारा की हुई दुर्योधनादिके वधकी प्रतिज्ञाका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 51: संजयका धृतराष्ट्रके प्रति श्रीकृष्णादिके द्वारा की हुई दुर्योधनादिके वधकी प्रतिज्ञाका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.51.19 
समागम्य वृतस्तत्र पाण्डवैर्मधुसूदन:।
सारथ्ये फाल्गुनस्याजौ तथेत्याह च तान् हरि:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
पाण्डवों ने मिलकर मधुसूदन श्रीकृष्ण को युद्ध में अर्जुन का सारथि चुना और श्रीहरि ने "तथास्तु" कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली॥ 19॥
 
The Pandavas together chose Madhusudan Sri Krishna to be Arjuna's charioteer in the war and Sri Hari accepted their request by saying "Tathastu".॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)