Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.5.17: उस समय राजा धृतराष्ट्र क्रोधित होकर मुझसे बोले, 'भारत! जहाँ तुम्हारी श्रद्धा है, वहाँ जाओ। अब मैं इस राज्य या इस नगर के शासन में तुम्हारी सहायता नहीं चाहता।'॥17॥ | mahabharat अध्याय 3.5: पाण्डवोंका काम्यकवनमें प्रवेश और विदुरजीका वहाँ जाकर उनसे मिलना और बातचीत करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय राजा धृतराष्ट्र क्रोधित होकर मुझसे बोले, 'भारत! जहाँ तुम्हारी श्रद्धा है, वहाँ जाओ। अब मैं इस राज्य या इस नगर के शासन में तुम्हारी सहायता नहीं चाहता।'॥17॥
At that time King Dhritarashtra became angry and said to me, 'Bharat! Go to the place where you have faith. Now I do not want your help in ruling this kingdom or this city.'॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥