Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.48.9: द्रोण और कर्ण उस अर्जुन का सामना कर सकते हैं। भीष्म भी युद्ध में उसका सामना कर सकते हैं; फिर भी मेरे मन में बड़ा संदेह है। मैं इस संसार में अपने पक्ष को जीतते हुए नहीं देखता।॥9॥ | mahabharat अध्याय 3.48: दु:खित धृतराष्ट्रका संजयके सम्मुख अपने पुत्रोंके लिये चिन्ता करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणकर्णौ प्रतीयातां यदि भीष्मोऽपि वा रणे।
महान् स्यात् संशयो लोके तत्र पश्यामि नो जयम्॥ ९॥
अनुवाद
द्रोण और कर्ण उस अर्जुन का सामना कर सकते हैं। भीष्म भी युद्ध में उसका सामना कर सकते हैं; फिर भी मेरे मन में बड़ा संदेह है। मैं इस संसार में अपने पक्ष को जीतते हुए नहीं देखता।॥9॥
Drona and Karna can face that Arjuna. Bhishma can also face him in battle; but still there is a great doubt in my mind. I do not see my side winning in this world.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥