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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 47: लोमश मुनिका स्वर्गमें इन्द्र और अर्जुनसे मिलकर उनका संदेश ले काम्यकवनमें आना
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श्लोक 11
श्लोक
3.47.11
विख्यातौ त्रिषु लोकेषु नरनारायणावृषी।
कार्यार्थमवतीर्णौ तौ पृथ्वीं पुण्यप्रतिश्रयाम्॥ ११॥
अनुवाद
‘तीनों लोकों में प्रसिद्ध नर-नारायण ऋषि देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए पुण्य के आधार रूप में पृथ्वी पर अवतरित हुए हैं ॥11॥
‘The famous sages Nar-Narayan in all the three worlds have incarnated on the earth as the basis of virtue to accomplish the work of the gods. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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