Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.33.56: पार्थ! यदि तुम उस धर्म से रहित हो, तो संसार में उपहास के पात्र बनोगे। मनुष्यों का अपने धर्म से विमुख होना शोभा नहीं देता ॥ 56॥ | mahabharat अध्याय 3.33: भीमसेनका पुरुषार्थकी प्रशंसा करना और युधिष्ठिरको उत्तेजित करते हुए क्षत्रिय-धर्मके अनुसार युद्ध छेड़नेका अनुरोध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पार्थ! यदि तुम उस धर्म से रहित हो, तो संसार में उपहास के पात्र बनोगे। मनुष्यों का अपने धर्म से विमुख होना शोभा नहीं देता ॥ 56॥
‘Partha! If you are devoid of that religion, you will become a laughing stock in the world. It is not praiseworthy for people to deviate from their religion. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥