Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.33.11: हे राजन! अपनी जीवनचर्या तो वन के मृगों के समान देखो। केवल दुर्बल मनुष्य ही इस प्रकार वन में समय व्यतीत करते हैं। बलवान मनुष्य वन में निवास नहीं करते॥11॥ | mahabharat अध्याय 3.33: भीमसेनका पुरुषार्थकी प्रशंसा करना और युधिष्ठिरको उत्तेजित करते हुए क्षत्रिय-धर्मके अनुसार युद्ध छेड़नेका अनुरोध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! अपनी जीवनचर्या तो वन के मृगों के समान देखो। केवल दुर्बल मनुष्य ही इस प्रकार वन में समय व्यतीत करते हैं। बलवान मनुष्य वन में निवास नहीं करते॥11॥
‘O King! Just look at your lifestyle like that of the deer in the forest. Only weak people spend time in the forest like this. Strong people do not resort to living in the forest.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥