Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.32.42: जो मनुष्य आलस्य के कारण सोता है, वह दरिद्रता को प्राप्त होता है, जबकि कार्यकुशल व्यक्ति अवश्य ही मनोवांछित फल प्राप्त करता है और समृद्धि का भोग करता है ॥ 42॥ | mahabharat अध्याय 3.32: द्रौपदीका पुरुषार्थको प्रधान मानकर पुरुषार्थ करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य आलस्य के कारण सोता है, वह दरिद्रता को प्राप्त होता है, जबकि कार्यकुशल व्यक्ति अवश्य ही मनोवांछित फल प्राप्त करता है और समृद्धि का भोग करता है ॥ 42॥
A man who sleeps due to laziness, attains poverty whereas an efficient person definitely gets the desired result and enjoys prosperity. ॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥