Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.315.20: ‘प्रचण्ड पराक्रमी भगवान विष्णु ने भी श्री रामरूपी अवतार लेकर दशरथ के घर में छिपकर युद्ध में दस मुख वाले रावण को मार डाला था॥20॥   |   mahabharat अध्याय 3.315: अज्ञातवासके लिये अनुमति लेते समय शोकाकुल हुए युधिष्ठिरको महर्षि धौम्यका समझाना, भीमसेनका उत्साह देना तथा आश्रमसे दूर जाकर पाण्डवोंका परस्पर परामर्शके लिये बैठना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 315: अज्ञातवासके लिये अनुमति लेते समय शोकाकुल हुए युधिष्ठिरको महर्षि धौम्यका समझाना, भीमसेनका उत्साह देना तथा आश्रमसे दूर जाकर पाण्डवोंका परस्पर परामर्शके लिये बैठना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.315.20 
विष्णुना वसता चापि गृहे दशरथस्य वै।
दशग्रीवो हतश्छन्नं संयुगे भीमकर्मणा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
‘प्रचण्ड पराक्रमी भगवान विष्णु ने भी श्री रामरूपी अवतार लेकर दशरथ के घर में छिपकर युद्ध में दस मुख वाले रावण को मार डाला था॥20॥
 
‘The fiercely mighty Lord Vishnu also killed the ten-faced Ravana in the battle while hiding in the house of Dasharatha in the form of Shri Ram. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)