Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.313.97: यक्ष ने पूछा - किस पुरुष को विद्वान माना जाए ? नास्तिक किसे कहते हैं ? मूर्ख किसे कहते हैं ? काम किसे कहते हैं ? और ईर्ष्या किसे कहते हैं ?॥97॥ | mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यक्ष उवाच
क: पण्डित: पुमान् ज्ञेयो नास्तिक: कश्च उच्यते।
को मूर्ख: कश्च काम: स्यात् को मत्सर इति स्मृत:॥ ९७॥
अनुवाद
यक्ष ने पूछा - किस पुरुष को विद्वान माना जाए ? नास्तिक किसे कहते हैं ? मूर्ख किसे कहते हैं ? काम किसे कहते हैं ? और ईर्ष्या किसे कहते हैं ?॥97॥
The Yaksha asked - Which man should be considered a learned man? Who is called an atheist? Who is a fool? What is lust? And what is called jealousy?॥97॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥