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mahabharat 3.313.89: यक्ष ने पूछा - हे राजन ! ज्ञान किसे कहते हैं ? शम किसे कहते हैं ? उत्तम दया किसे कहते हैं ? और आर्जव (सरलता) किसे कहते हैं ?॥ 89॥   |   mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.313.89 
यक्ष उवाच
किं ज्ञानं प्रोच्यते राजन् क: शमश्च प्रकीर्तित:।
दया च का परा प्रोक्ता किं चार्जवमुदाहृतम्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा - हे राजन ! ज्ञान किसे कहते हैं ? शम किसे कहते हैं ? उत्तम दया किसे कहते हैं ? और आर्जव (सरलता) किसे कहते हैं ?॥ 89॥
 
The Yaksha asked - O King! What is knowledge? What is called 'Sham'? What is called 'Uttam Mercy'? And what is called 'Arjav' (simplicity)?॥ 89॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)