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mahabharat 3.313.83: यक्ष ने पूछा, "मनुष्य को मृत कैसे कहा जाता है? राष्ट्र कैसे मरता है? श्राद्ध कैसे मृत हो जाता है? और यज्ञ कैसे नष्ट हो जाता है?"   |   mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  3.313.83 
यक्ष उवाच
मृत: कथं स्यात् पुरुष: कथं राष्ट्रं मृतं भवेत्।
श्राद्धं मृतं कथं वा स्यात् कथं यज्ञो मृतो भवेत्॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा, "मनुष्य को मृत कैसे कहा जाता है? राष्ट्र कैसे मरता है? श्राद्ध कैसे मृत हो जाता है? और यज्ञ कैसे नष्ट हो जाता है?"
 
The Yaksha asked, "How is a man said to be dead? How does a nation die? How does a Shraddha become dead? And how does a Yagna get destroyed?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)