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mahabharat 3.313.28: इस प्रकार निश्चय करके युधिष्ठिर जल में उतरे। जल में प्रवेश करते ही उन्हें आकाशवाणी सुनाई दी॥28॥   |   mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.313.28 
एतेन व्यवसायेन तत् तोयं व्यवगाढवान्।
गाहमानश्च तत् तोयमन्तरिक्षात् स शुश्रुवे॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार निश्चय करके युधिष्ठिर जल में उतरे। जल में प्रवेश करते ही उन्हें आकाशवाणी सुनाई दी॥28॥
 
Having decided in this manner, Yudhishthira entered the water. As soon as he entered the water, he heard a voice from the sky.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)