Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.311.18: बहुत प्रयत्न करने पर भी वे उस विशाल मृग को पकड़ न सके; वह अचानक अदृश्य हो गया। मृग को न देख कर वे वीर और पराक्रमी निराश और दुःखी हो गए। | mahabharat अध्याय 3.311: ब्राह्मणकी अरणि एवं मन्थन-काष्ठका पता लगानेके लिये पाण्डवोंका मृगके पीछे दौड़ना और दु:खी होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत प्रयत्न करने पर भी वे उस विशाल मृग को पकड़ न सके; वह अचानक अदृश्य हो गया। मृग को न देख कर वे वीर और पराक्रमी निराश और दुःखी हो गए।
In spite of great efforts, they could not catch the great deer; it suddenly disappeared. Not seeing the deer, the brave and brave became disheartened and sad.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥