Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.311.1: जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन्! जब पाण्डवों ने अपनी पत्नी द्रौपदी के हरण के पश्चात् इस प्रकार बहुत दुःख सहकर उसे पुनः प्राप्त कर लिया, तो उसके बाद उन्होंने क्या किया?॥1॥ | mahabharat अध्याय 3.311: ब्राह्मणकी अरणि एवं मन्थन-काष्ठका पता लगानेके लिये पाण्डवोंका मृगके पीछे दौड़ना और दु:खी होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय ने पूछा - हे ब्रह्मन्! जब पाण्डवों ने अपनी पत्नी द्रौपदी के हरण के पश्चात् इस प्रकार बहुत दुःख सहकर उसे पुनः प्राप्त कर लिया, तो उसके बाद उन्होंने क्या किया?॥1॥
Janamejaya asked - O Brahman! After the Pandavas had thus suffered a lot after the abduction of their wife Draupadi and had regained her, what did they do after that?॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥