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श्लोक  3.307.2 
न शशाक यदा बाला प्रत्याख्यातुं तमोनुदम्।
भीता शापात् ततो राजन् दध्यौ दीर्घमथान्तरम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
राजा! जब वह कन्या अंधकार का नाश करने वाले भगवान सूर्यदेव की बात से बच न सकी, तब शाप के भय से वह बहुत देर तक मन में कुछ सोचने लगी।
 
King! When that girl could not avoid Lord Surya, the destroyer of darkness, then fearing the curse, she started thinking something in her mind for a long time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)