Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.307.13: हे सुन्दर भावों वाली कुन्ती! कन्या शब्द 'कम्' धातु से बना है। सुन्दरी! वह स्वयंवर में आए हुए वरों में से किसी को भी अपनी इच्छा का पात्र बना सकती है; इसीलिए इस लोक में वह कन्या कहलाती है॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.307: सूर्यद्वारा कुन्तीके उदरमें गर्भस्थापन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सुन्दर भावों वाली कुन्ती! कन्या शब्द 'कम्' धातु से बना है। सुन्दरी! वह स्वयंवर में आए हुए वरों में से किसी को भी अपनी इच्छा का पात्र बना सकती है; इसीलिए इस लोक में वह कन्या कहलाती है॥13॥
Kunti with beautiful feelings! The word Kanya (girl) is formed by the root ‘kam’. Beautiful girl! She can freely make any of the grooms (who have come to the swayamvara) the object of her desire; that is why she is called Kanya in this world.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥