Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.306.7: हे पुरुषों के स्वामी! उन्हें देखकर कुंती अपने मंत्र की शक्ति की परीक्षा लेने के लिए उत्सुक हो उठीं। तब उस सुंदर राजकुमारी ने सूर्यदेव का आह्वान किया।   |   mahabharat अध्याय 3.306: कुन्तीके द्वारा सूर्यदेवताका आवाहन तथा कुन्ती-सूर्य-संवाद   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 306: कुन्तीके द्वारा सूर्यदेवताका आवाहन तथा कुन्ती-सूर्य-संवाद  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.306.7 
तस्या: कौतूहलं त्वासीन्मन्त्रं प्रति नराधिप।
आह्वानमकरोत् साथ तस्य देवस्य भाविनी॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषों के स्वामी! उन्हें देखकर कुंती अपने मंत्र की शक्ति की परीक्षा लेने के लिए उत्सुक हो उठीं। तब उस सुंदर राजकुमारी ने सूर्यदेव का आह्वान किया।
 
O lord of men! On seeing them Kunti became curious to test the power of her mantra. Then the beautiful princess invoked the Sun God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)