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mahabharat 3.298.6: तब उन आश्रमों में रहने वाले सभी ब्राह्मण उनके पास गए, उन्हें चारों ओर से घेर लिया, उन्हें आश्वासन दिया और उन दोनों को अपने आश्रम में ले गए।   |   mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.298.6 
ततोऽभिसृत्य तैर्विप्रै: सर्वैराश्रमवासिभि:।
परिवार्य समाश्वास्य तावानीतौ स्वमाश्रमम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तब उन आश्रमों में रहने वाले सभी ब्राह्मण उनके पास गए, उन्हें चारों ओर से घेर लिया, उन्हें आश्वासन दिया और उन दोनों को अपने आश्रम में ले गए।
 
Then all the Brahmins residing in those ashrams went to them, surrounded them from all sides, assured them and took them both to their ashram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)