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mahabharat 3.298.24: इसमें कोई संदेह नहीं कि हमने जो कुछ कहा है, वह सत्य हुआ है। शीघ्र ही तुम्हें बारम्बार समृद्धि प्राप्त होगी॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 3.298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 298: पत्नीसहित राजा द्युमत्सेनकी सत्यवान‍्के लिये चिन्ता, ऋषियोंका उन्हें आश्वासन देना, सावित्री और सत्यवान‍्का आगमन तथा सावित्रीद्वारा विलम्बसे आनेके कारणपर प्रकाश डालते हुए वरप्राप्तिका विवरण बताना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.298.24 
सर्वैरस्माभिरुक्तं यत् तथा तन्नात्र संशय:।
भूयोभूय: समृद्धिस्ते क्षिप्रमेव भविष्यति॥ २४॥
 
 
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि हमने जो कुछ कहा है, वह सत्य हुआ है। शीघ्र ही तुम्हें बारम्बार समृद्धि प्राप्त होगी॥ 24॥
 
There is no doubt that whatever we have said has turned out to be true. Soon you will be blessed with prosperity again and again.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)